राजकीय अभियंता महाविद्यालय, शेखपुरा में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन, विद्यार्थियों को किया गया जागरूक।

राजकीय अभियंता महाविद्यालय, शेखपुरा में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन, विद्यार्थियों को किया गया जागरूक।
शेखपुरा। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शेखपुरा में दिनांक 12 अक्टूबर, 2026 अग्नि सुरक्षा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के बड़ी संख्या में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के फायर एंड सेफ्टी इंचार्ज तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सुजीत कुमार ने की। मॉक ड्रिल के दौरान आग लगने की स्थिति में बचाव के उपायों तथा आग बुझाने के विभिन्न तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति में उसे नियंत्रित करने के तरीके, गीले तैलीय या कपड़े की सहायता से आग बुझाने की प्रक्रिया तथा कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) अग्निशामक यंत्र के सही उपयोग का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि आग लगने जैसी आपातकालीन स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता, सही जानकारी और उचित सुरक्षा उपायों का पालन करना आवश्यक है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य (पदस्थापित) डॉ. अनिल सिंह यादव ने कहा कि छात्रों के लिए केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तकनीकी जानकारी भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मॉक ड्रिल विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सुरक्षा जागरूकता विकसित करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से महाविद्यालय परिसर में अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा अग्निशामक उपकरणों के उपयोग की जानकारी रखने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में अग्निशमन केंद्र, शेखपुरा के अनुमंडल पदाधिकारी सुधीर कुमार सिंह, सब अधिकारी सौरभ कुमार समेत कई अग्निशमन कर्मी मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को आग की स्थिति में त्वरित निर्णय, सुरक्षित निकास और सही उपकरण के उपयोग के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित तरीके से प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करने का प्रयास किया गया। महाविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियाँ परिसर को अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।






