बेलागंज में उम्मीदवार चयन को लेकर हुए नारेबाजी पर प्रशांत किशोर का बयान, बोले - ये जन सुराज की ताकत है कि लोग उम्मीदवार बनने के लिए इच्छुक हैं

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शनिवार को गया में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान बेलगंज और इमामगंज उपचुनावों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की। इस अवसर पर उन्होंने बेलगंज में प्रत्याशियों की घोषणा को लेकर हुए नारेबाजी पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया, कल जिसे आप हंगामा कह रहे हैं, वह वास्तव में जन समर्थन का प्रतीक था। जिसे आप हंगामा कह रहे हैं, वह राजनीति का श्रृंगार है। मैं इसे जन सुराज की ताकत मानता हूँ। आगे उन्होंने कहा, अगर जन सुराज के विचार में ताकत नहीं होती, तो सैकड़ों लोग उम्मीदवार बनने के लिए नारेबाजी क्यों करते? यह इस बात का प्रमाण है कि जन सुराज की लोकप्रियता कितनी व्यापक है। अगर इसमें कोई दम नहीं होता, तो लोग इस तरह से इसके उम्मीदवार बनने की इच्छा नहीं जताते।
प्रशांत किशोर ने एक अन्य सवाल का उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि जन सुराज कोई आंदोलन नहीं है। हमारा उद्देश्य किसी को उखाड़ना नहीं, बल्कि बिहार को संवारना है। आंदोलन से समाज का सृजन नहीं होता। जब तक जनता जागरूक नहीं होगी, तब तक बदलाव संभव नहीं है। समाज के सृजन का एक विशेष समय और प्रक्रिया होती है। पौधे को पेड़ बनने में समय लगता है। यही कारण है कि हम पिछले ढाई साल से यह अभियान चला रहे हैं, लेकिन हमने किसी के खिलाफ धरना या प्रदर्शन नहीं किया, न ही बिहार बंद या चक्का जाम किया। बस एक ही बात कह रहे हैं कि आज तक जाति, धर्म, मंदिर, मस्जिद, 4 किलो अनाज, 400 रुपये के लिए वोट दिया और विचारधारा के नाम पर वोट दिया। एक बार खुद को झकझोड़िए और अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट दीजिए, तभी बिहार बदलेगा।





